अब नज़र नही आते।।

दूर के देखे हुए अब नज़र नही आते साथ सफ़र में थे जो अब रास्तों में नज़र नही आते   सोचता हूँ अब  की बदल लूँ रास्ता अपना पर ये सारे जुगनू सुबह नज़र नही आते।। Advertisements

बस वो हे जो मेरा नही।।

कोरे  पन्नो की तरह इस किताब में जो दिल कहता हे वो शायरी तो नही एक अहसास हे बस वो हे जो मेरा नही   खुले आसमा में इन जुगनू की तरह जो दिखता हे वो सितारे तो नही एक चाँद हे बस वो हे जो मेरा नही   धड़कती हे ये ज़ूबान बस अब दिल […]

अब सयानी सी लगती हे।

मालूम पड़ता हे अब की झिजकती  हे ये बरसात ख़ुद गिरने से पहेले जो ये खुल के बरसती थी कभी अब सयानी सी लगती हे कोई कहता हे गिरने को तो कोई थम जाने को अब यही इसके ख़याल हैं ख़ुद गिरने से पहेले अगर में कह दूँ की बचपन गया नही हे उसका अभी […]

Safar.

Ye safar he jo bus chalta rehta he Chaha kr bhi na rook pana Bas yadoo ko sath liye chalna Khabi yha to kabhi vaha Kabhi khud se baatein krna To kabhi un baaton ko hi na samajh pana Vo jo har waqt mehsus hota Bas ab vahi he jo sab kuch hota he.

Mazahabo ke khelon me.

Jhale huye chiragon ko bhujane bhete hain hum Aaj Hindustaan mitane bhete hain hum Mazahabo ke khelon me Mulk ko harane bhete hain hum Awaazen unchi hain unki jo gumnaam hain Or naami aaj siyasat bna ne bhete hain Bhul chuke hain khud ko dhekne ka nazariya Or aaj khud ko barbaad krne bhete hain […]